बुधवार, 13 अप्रैल 2011

Dr. Praveen Sharma - Alipur Success Celebration

 

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शनिवार, 9 अप्रैल 2011

आओ एक जुट हो - जाएँ

आओ एक जुट हो - जाएँ
ना रुकेंगे, ना थकेंगे, न लेंगे चैन की सांस,
जब तक नहीं हो जाता  आर्थिक आजादी का आगाज.
अन्ना बैठे अनशन पर तो हिला दी सरकार,
आज एक जुट होकर जुड़ने की है सबको दरकार,
जन आन्दोलन बना दो RCM को बांटो जन - जन में ये प्यार.
ना जाए अब एक भी पाई (पैसा) बाहर दूर विदेशो में,
स्वदेशी का बिगुल बजा दो, जन का पैसा जन की ही जेबों में.
बहिष्कार करो
विदेशी चीजों का,
समझाओ उनको
जो पथ-मति भ्रष्ट हुए हैं,
अपने बहेन और भाई,
लुट रहे चकाचौंध में,
अब भी अकाल ना आई.
पहले अंग्रेजो ने, फिर
कुछ देश के गद्दारों ने,
अब नेता नीच हज़ारो ने,
इस देश की अस्मत लूटी है.
उतरे इनका भूत, कसम से,
RCM वो विभूति है.

----- डॉ प्रवीण शर्मा

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गुरुवार, 7 अप्रैल 2011

आन्दोलन - जनक्रांति - जय आर.सी. एम्.

















इन तीनो में एक समानता रही है, स्वस्थ भारत, स्वच्छ भारत, इमानदार भारत, सोहार्द पूर्ण भारत, विश्वगुरु भारत, अहिंसा वादी भारत, भ्रस्ताचार से मुक्त भारत, स्वतंत्र भारत, स्वाभिमान भारत, अन्ना हजारे के अनशन को हम अपनी पूरी टीम की और से पूर्ण समर्थन करते हैं. इस आशय को लेकर कल जंतर मंतर की और शाम ८ बजे कूच करेंगे. 
अपना समर्थन आप अपना कमेन्ट दर्ज करके भेज सकते हैं. आओ भ्रस्ताचार को जड़ से उखाड़ फेंकने में एक दुसरे का सहयोग करें. 

डॉ. प्रवीण शर्मा,
09212943002, 09213241236
drpraveen.rcm@gmail.com

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रविवार, 3 अप्रैल 2011

हमारी भाषा - हमारे संस्कार

कुछ नासमझ लोग, श्री लंका के लिए बहुत ही अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. वो ये भूल गए हैं की २८ साल तक जितने भी क्रिकेट वर्ल्ड कप हुए उनमे हम जीत नहीं पाए, तो हम भी उसी कतार में थे जिसमे, आज श्रीलंका खड़ा हुआ. वो हमारे देश में आकर हारा, मेरे प्यारे भाइयो मैं एक सन्देश अपने इस  आर सी एम् जीवन के माध्यम से देना चाहता हूँ. क्योंकि आर सी एम् की शिक्षा हमारे संस्कार भी पैदा करती है. 

हमारी भाषा - हमारे संस्कार
भाषा वो हो जो दुश्मन को भी भाये,
विश्व विजेता वो जो दुनिया का चहेता बन जाए..
विश्व कप जीता, इस पर हमें गुमान हैं,
फिर भी न भूलें - हम आर. सी. एम् के सेवक,
और भारत की संतान हैं. हम सबसे पहले इंसान हैं.
इसलिए कहते हैं सारे जग वाले भी अब,
हमारा देश भारत और हम इसके वासी,
दोनों ही महान हैं.
जय आर. सी. एम्. / जय भारत

डॉ. प्रवीण शर्मा
09212943002 - Delhi

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मंगलवार, 29 मार्च 2011

RCM जीवन क्या क्यों कैसे

RCM जीवन क्या क्यों कैसे की प्रतियां प्राप्त करने के लिए कृपया इस फास्ट सुविधा का उपयोग करें। इस पुस्तक के विषय में आप लोगो के ईमेल और फ़ोन आते हैं उसने मुझे और भी अधिक उत्साहित कर दिया है कि मैं आपकी और भी सेवा कर सकूँ. इस पुस्तिका की अभी तक 11016 प्रतिया डाक के माध्यम से पहुँच चुकी हैं। जिनका फीडबैक बेक भी मिल रहा है। इस पुस्तिका को अपने प्लान के बाद फोलो-अप के लिए छोड़ देने मात्र से ही भावी डिस्ट्रीब्यूटर का फ़ोन जोइनिंग करने के लिए आ जाता है और वह RCM में बढ़ चढ़ कर काम भी करने लगता है। 73.5% लोगो ने अभी तक इस पुस्तिका को जादुई पुस्तिका बताया है। इस पुस्तक को मांगने के लिए अभी तक जितने ईमेल आये अधिकतर को ये भेजी जा चुकी है। भरी मांग को देखते हुए इसकी १०,०००/- प्रतियाँ और छपवाई जा रही हैं।

आप लोगों से निवेदन है कि आप निम्न अकाउंट में इसकी नोमिनल कीमत जमा करवा कर प्राप्त कर सकते हैं। राशी जमा करवा कर कृपया SMS अवश्य करें जिसमे निम्न विवरण लिखें:
RCM Jeevan <
कॉपी संक्या> <जमा की गई राशी> <डिस्ट्रीब्युटर न.> <सिटी> आपका नाम
भेजे इस नंबर पर: 09213241236

बैंक अकाउंट नंबर: 901920132151 बैंक सिंडीकेट बैंक Delhi Contonment Branch,
नामे: In the name of : Navkesh Rani 
कीमत कल्कुलेटर:
  • प्रत्येक पुस्तिका की कीमत रुपये 20/- (0-9) पुस्तिका रुपये 5/- डाक खर्च प्रति पुस्तिका।
  • Cost of book is Rs 20/- each upto 9 books, Rs. 5/- for each book as postal charges.
  • 10 से अधिक प्रतियाँ प्रत्येक पुस्तिका रूपये 15/- प्रति, व रूपये ३/- डाक खर्च अतिरिक्त प्रति पुस्तिका।
  • 10 to 50 copies onwards each book will cost you Rs. 15/- each, + Rs.3/- as postal charges each book.

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RCM Jeevan Hits

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