जीवन का सत्य
अच्छा सुनकर उसे अपनाओ नही तो सुनने और नही सुनने में कोई अन्तर नही !
जीवन में ज्यादा से ज्यादा अच्छे विचार रखना उतना ही महत्वपूर्ण है , जितना उनका आदान प्रदान है ! यदि अच्छे विचारों में किसी को भागीदारी नही बनायेंगें , जीवन में उनका उपयोग नही करेंगे तो वे सब व्यर्थ चले जायेंगे !
दूसरो की तारीफ़ करना बहुत अच्छी बात है , पर कुछ ऐसा करना की दूसरे आपकी तारीफ़ करे , उससे भी अच्छी बात है !
भूमिका पांचाल
रोहिणी दिल्ली -89