मन के जीते जीत है - मन के हारे हार !
मन शरीर का राजा है और शेष इन्द्रियां इस राजा के आदेशों आज्ञाओं का पालन करने के लिए बाध्य हैं। यदि आपका मन आत्मविश्वाश से पूरित होगा, तो शेष इन्द्रियां भी उससे प्रभावित होंगी और आपके अंग-अंग में विश्वाश की शक्ति संचारित होगी।
डॉ प्रवीण शर्मा
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